Sunday, August 15, 2021

 गुरु कौन है? कौन व्यक्ती आपका गुरु हो सकता है? क्या शिक्षा देने वाला शिक्षक या आपको जिंदगी का सबक देने वाला कोई व्यक्ति आपका गुरु होता है ? या मां-बाप आपके गुरु होते हैं ? गुरु वह व्यक्ति है जो आपको आपके अंदर से, आप के सच्चे स्वरूप से परिचित कराता है। भगवान से मिलवाता है जिसके बारे में कबीरदास जी कहते हैं,

 गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय 

बलिहारी गुरु आपने जिन गोविंद दियो मिलाय 

इस दोहे में कबीर दास जी गुरु को भगवान से भी ऊपर रखते हैं क्योंकि उन्हीं की कृपा से आपको भगवान से मिलने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ। भगवान से मिलने का रास्ता गुरु की कृपा से ही मिलता है। इस दोहे से हमको एक बात और पता चलती है कि गुरु आपको भगवान से मिलाता है या ऐसा कहें जो आपको भगवान से मिलाता है या भगवान से मिलने का रास्ता दिखाता है वही व्यक्ति आपका गुरु हो सकता है। गुरु आपको इस दुनिया में जीना ही नहीं सिखाता बल्कि वह दुनिया की दलदल से पार होने का रास्ता भी दिखाता है। आपको आपसे ज्यादा अगर कोई पहचानता है, समझता है, तो वह है, आपका गुरु !

क्या आप गुरू को पा सकते हैं या ढूंढ सकते हैं? नहीं, हमारे में या आप में इतनी काबिलियत नहीं कि हम या आप गुरु को पा सके, ढूंढ सके या उनकी कब्लियत को समझ सके या परख सकें। हमारी काबिलियत देखकर गुरु ही हमें शिष्य के रूप में ढूंढता है और अपने शिष्य बनने का शुभ अवसर प्रदान करता है।


गुरु आपको तर्क नहीं सिखाता, तर्क नहीं जगाता, वरण उसके पास जाने से ही आपके मन के सारे तर्क शांत हो जाते हैं सारी जिज्ञासाएं और विचार शांत हो जाते हैं वहां जाकर मौन ही सवाल होता है मौन ही जवाब होता है। सच्चा गुरु वह है, जो आपको मौन सिखाता है, शांत करता है, और दुनियादारी से बाहर निकालता है।




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