मन विचार और समाधि
हमारा मन कभी शांत नहीं होता। जब से हम पैदा होते है हमारा दिमाग काम करना शुरू करता ये तब से बिना रुके बिना आराम किये २४ घंटे अनवरत काम करता रहता है। यह बहुत ही उपजाऊ और सक्रिय है। यह ऐसी उपजाऊ जमीं की तरह है जिसमे अगर फसल न बोई जाये तो खर पतवार वग आते है। इसी तरह अगर हमारा दिमाग व्यस्त न रहे तो उसमेँ विचार चलने लगते है। अगर हम खुश है तो ख़ुशी के विचार चलते है, अगर उदास है तो दुःख, परेशानी, और चिंता के विचार चलने लगते है। हमारा मन उन विचारो को बढ़ाता रहता है। अगर हम उदास है तो हमारी नकारात्मकता चिंता और उदासी बढ़ती रहती है।
इन्ही विचारों को शांत करना हमारी सेहत और मानसिक स्वास्थय के लिए बहुत जरूरी है। न केवल मन हमारे तन को प्रभावित करता है वरन हमारी किस्मत को भी बनlता है, हमारे व्यक्तित्व का भी निर्धारण करता है। हमारा मन और तन एक दूसरे के साथ साथ एक दूसरे के सहयोग से चलते है। ऐसा नहीं होता की हम बीमार हो और हमारे विचार सकारात्मक हो या हमारे विचार सकारात्मक हो और हम बीमार पड़ जाएँ।
हिंदी में कहावत है जैसा होगा तन वैसा होगा मन। या जैसा होगा मन वैसा होगा तन।
हमारे तन और मन ही नहीं जुड़े होते बल्कि हमारी सफलताएं और असफलताएं और हमारी किस्मत भी हमारे मन से जुड़ी रहती हैं। एक खुश आदमी के जीवन में सफलताएं और अवसर आते रहते हैं और दुखी आदमी के जीवन में अक्सर असफलताएं पल्ले पड़ती है। एक खुश दिल इंसान को अकसर और खुश होने का मौका मिलता रहता है, और एक दुखी और गमगीन व्यक्ति को अक्सर और दुखी होने का कारण मिल जाता है।
जीवन में सफलताएं प्राप्त करने के लिए बहुत जरूरी है हम खुश रहे और अपने काम को करने में प्रसन्नता का अनुभव करें। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम अपने मन को कभी खाली ना छोड़े । अगर कोई काम ना हो तो किसी अच्छे विचार में इसको लगाएं या अच्छी पुस्तकें पढ़ें खाली दिमाग अक्सर बुरे विचारों में या चिंता में गुम हो जाता है। हिंदी में कहावत है खाली दिमाग शैतान का घर । अगर हम अपने दिमाग को किसी क्रिएटिव वर्क में या उत्पादक वर्क में नहीं लगाते हैं तो यह शैतानी में या डिस्ट्रक्शन में जुट जाता है।
हमें अपने दिमाग को शांत करना आना चाहिए इसको योगी लोग मेडिटेशन या समाधि कहते हैं।
हमारा दिमाग एक जिन्न की तरह है जिसको अगर लगातार काम में ना लगाया जाए तो वह आपको ही उठा उठा कर पटकना शुरू कर देगा, आपका ही नुकसान करेगा, अतः जरूरी है हम अपने दिमाग रूपी जिन्न को किसी ना किसी क्रिएटिव वर्क में लगाए रखें नहीं तो इसको खुश रखें ।
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