Thursday, September 2, 2021

अनुभव और बुढ़ापा

 अनुभव हमें कमजोर और बूढ़ा बनाता है यह हमारे लॉजिक ब्रेन पीएफसी (  प्रीफ्रंटल कोरटैक्स ) को कमजोर करता है. यह सुकड़ने लगता है क्योंकि हम हर बात का जवाब अमिगडाला से देते हैं । प्री फ्रंटल कोरटेक्स्  (हमारा लॉजिक ब्रेन) काम करना बंद कर देता है हम हर बात का जवाब अपने अनुभव के आधार पर बिना सोचे विचारे देने लगते हैं (जस्ट लाइक कंप्यूटर और रिफ्लेक्स एक्शन)  नई चीज़ सीखने से, नई चैलेंज लेने से,नई   थेओरी मानने से डरने लगते हैं। हर नई परिस्थिति की व्याख्या पुरानी परिस्थितियों के आधार पर करने लगते हैं हर बात का हमारे पास रेडीमेड जवाब होता है, इसी को हम एक्सपीरियंस या अनुभव कहते हैं।

विशेषज्ञ होना अच्छी बात है, पर बिल्कुल लॉजिकल बात ना करना अच्छी बात नहीं।पहले हम सीखना बंद करते है, फिर हमारा ब्रेन सुकड़ना शुरू कर देता है। कई सारे सेल्स सही ढंग से काम नहीं करते। इम्यून सिस्टम या रक्षा  प्रणाली काम करना बंद या कम कर देती है। कुछ जरूरी प्रोटीन बनना बंद हो जाते है, जैसे कि डोपामाइन जो हमको खुशी प्रदान करता है। 

शरीर की ऊर्जा ( spiritual energy) का स्तर कम होने लगता है। शरीर (पॉवर शेविंग मोड) में आ जाता है। उतना ही कम करता है जितना शरीर या श्वाश चलाने के लिए जरूरी हो

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